खूनी बवासीर की दवा घरेलू

खूनी बवासीर की दवा घरेलू

परिचय: खूनी बवासीर क्या है?


खूनी बवासीर (Bleeding Piles) एक स्थिति है जिसमें मल त्याग के दौरान गुदा से खून निकलता है। यह तब होता है जब गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन या दबाव बढ़ जाता है।

बवासीर दो प्रकार की होती है:

1. आंतरिक बवासीर: गुदा के अंदर मस्से होते हैं और खून निकलता है।

2. बाहरी बवासीर: गुदा के बाहर मस्से होते हैं और दर्द व खुजली होती है।

खूनी बवासीर का इलाज जल्दी करना जरूरी है, ताकि खून की कमी या संक्रमण न हो। इसे घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार से ठीक किया जा सकता है।



खूनी बवासीर के लक्षण


    • मल त्याग के दौरान खून आना।
    • गुदा क्षेत्र में सूजन, दर्द और जलन महसूस होना।
    • मल त्याग के बाद खून की बूंदें टॉयलेट में दिखना।
    • गुदा क्षेत्र में खुजली या भारीपन महसूस होना।
    • लंबे समय तक बैठने पर असहज महसूस करना।

यदि यह लक्षण दिखें तो तुरंत इलाज शुरू करें।


खूनी बवासीर के मुख्य कारण


1. कब्ज (Constipation): मल सख्त होने पर ज्यादा जोर लगाने से नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे खून निकलने लगता है।

2. गलत खानपान: तला-भुना, मसालेदार और कम फाइबर वाला भोजन कब्ज और बवासीर का कारण बनता है।

3. लंबे समय तक बैठना: एक ही जगह ज्यादा देर तक बैठने से गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन आ जाती है।

4. गर्भावस्था: प्रेग्नेंसी के दौरान पेट पर दबाव बढ़ने से बवासीर हो सकती है।

5. मोटापा (Obesity): ज्यादा वजन होने से पेट पर दबाव बढ़ता है, जिससे गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन आ जाती है।

6. शराब और धूम्रपान: ये पाचन तंत्र को कमजोर करते हैं, जिससे कब्ज और बवासीर की समस्या बढ़ती है।

7. पानी की कमी: शरीर में पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है, जिससे मल त्याग के दौरान खून आ सकता है।

इन कारणों से बचाव करके खूनी बवासीर से राहत पाई जा सकती है।



बिना सर्जरी खूनी बवासीर का इलाज


खूनी बवासीर को बिना सर्जरी के घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों से आसानी से ठीक किया जा सकता है।

1. त्रिफला चूर्ण से कब्ज खत्म करना

रोज रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। इससे कब्ज दूर होगी और मल त्याग आसान होगा।

2. अरंडी का तेल से मल नरम करना

रात को 1 चम्मच अरंडी का तेल (Castor Oil) गुनगुने दूध के साथ लें। इससे मल नरम होगा और खून आना कम हो जाएगा।

3. गुनगुने पानी से Sitz Bath लेना

एक टब में गुनगुना पानी और सेंधा नमक मिलाकर 15 मिनट बैठें। इससे सूजन, दर्द और जलन में आराम मिलेगा।

4. एलोवेरा और नारियल तेल का इस्तेमाल

मल त्याग के बाद गुदा क्षेत्र पर एलोवेरा जेल या नारियल तेल लगाएं। इससे जलन, सूजन और खून बहना कम हो जाएगा।

5. अर्जुन छाल पाउडर से खून आना बंद करना

रोज सुबह और रात को आधा चम्मच अर्जुन छाल पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें। इससे खून आना बंद होगा और मस्से सूखने लगेंगे।

इन घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों से खूनी बवासीर को बिना सर्जरी के पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।



खूनी बवासीर को जड़ से खत्म कैसे करें

 

खूनी बवासीर में खाने योग्य चीजें (Best Diet for Bleeding Piles)


खूनी बवासीर से जल्दी राहत पाने के लिए सही आहार लेना बेहद जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक भोजन कब्ज को रोकता है और मल त्याग को आसान बनाकर बवासीर को ठीक करने में मदद करता है।

1. फाइबर युक्त आहार (High Fiber Foods)

फाइबर युक्त भोजन मल को नरम करने और कब्ज से बचाने में मदद करता है, जिससे खूनी बवासीर में आराम मिलता है।

    • हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी, चौलाई)

    • फल (सेब, केला, पपीता, अमरूद, अनार)

    • साबुत अनाज (चोकर युक्त आटा, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस)

    • दालें और बीन्स (मूंग दाल, चना, राजमा)

 

2. पानी और तरल पदार्थ ज्यादा लेना (Drink Plenty of Fluids)

शरीर में पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है, जिससे बवासीर में दर्द और खून आ सकता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।

    • दिनभर में 10-12 गिलास पानी पिएं

    • नारियल पानी, छाछ, फलों का रस, सूप और हर्बल टी का सेवन करें

 

3. मसालेदार और तला-भुना भोजन से परहेज (Avoid Spicy and Fried Food)

मसालेदार और तले-भुने भोजन से पेट में जलन और कब्ज हो सकती है, जिससे बवासीर की समस्या और बढ़ सकती है।

    • मिर्च-मसाले वाला भोजन

    • फास्ट फूड, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड

    • मीट और ज्यादा तला हुआ भोजन

सही आहार और तरल पदार्थ का सेवन करने से खूनी बवासीर जल्दी ठीक हो सकती है और भविष्य में दोबारा होने से बचा जा सकता है।



आयुर्वेदिक दवाएं जो खूनी बवासीर में असरदार हैं


1. अर्शकल्प वटी (Arshkalp Vati)

    • लाभ: मस्सों को सुखाने, सूजन कम करने और खून रोकने में असरदार।

    • सेवन: दिन में 2 बार भोजन के बाद 2 गोली गुनगुने पानी के साथ लें।

2. पाइल्स केयर कैप्सूल (Piles Care Capsule)

    • लाभ: सूजन, दर्द और जलन कम करके मल त्याग आसान बनाती है।

    • सेवन: दिन में 2 बार 1 कैप्सूल गुनगुने पानी के साथ लें।

3. अर्जुन छाल पाउडर (Arjun Chhal Powder)

    • लाभ: खून आना बंद करने और मस्सों को सुखाने में फायदेमंद।

    • सेवन: सुबह और रात को आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।

नियमित सेवन से खूनी बवासीर बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है।



खूनी बवासीर से बचने के उपाय


1. फाइबर युक्त आहार लें हरी सब्जियां, फल, दलिया, चोकरयुक्त आटा खाएं ताकि कब्ज न हो।

2. पानी अधिक पिएं रोजाना 10-12 गिलास पानी पिएं ताकि मल नरम रहे।

3. ज्यादा देर तक न बैठें लगातार लंबे समय तक बैठने से बचें, हर घंटे थोड़ा चलें।

4. मल त्याग के समय जोर न लगाएंजबरदस्ती मल त्याग करने से नसों पर दबाव बढ़ता है जिससे खून आ सकता है।

5. नियमित व्यायाम करें योग, सैर या हल्का व्यायाम करने से कब्ज और बवासीर से बचाव होता है।

6. मसालेदार और तला-भुना भोजन न खाएं इससे कब्ज और जलन की समस्या हो सकती है।

7. शराब और धूम्रपान से बचें ये पाचन तंत्र को कमजोर करते हैं जिससे कब्ज और बवासीर हो सकती है।

8. वजन नियंत्रित रखें मोटापे के कारण पेट पर दबाव बढ़ता है जिससे बवासीर की समस्या हो सकती है।

9. टॉयलेट जाने की आदत सही रखें मल त्याग को कभी टालें नहीं, समय पर टॉयलेट जाना जरूरी है।

10. आरामदायक जीवनशैली अपनाएंतनाव से बचें, अच्छी नींद लें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

इन उपायों को अपनाकर खूनी बवासीर से बचा जा सकता है और भविष्य में समस्या होने की संभावना कम हो जाती है।



श्री च्यवन की आयुर्वेदिक चिकित्सा:

 

श्री च्यवन आयुर्वेद ने बवासीर के लिए एक आयुर्वेदिक दवा - पाइल्स केयर किट तैयार की है। बवासीर के लिए हमारी आयुर्वेदिक दवा आपको बवासीर से पूरी तरह राहत दिलाने में मदद करती है।

khuni bawasir ka ilaj


पाइल्स केयर किट: पाइल्स का मुख्य कारण कब्ज है। चलने-फिरने में कठिनाई के कारण पाइल्स होता है। तो, पाइल्स से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए, घर लाएँ या श्री च्यवन आयुर्वेद की पाइल्स केयर किट ऑर्डर करें, इसमें शामिल हैं:


  1. पाइल हरी वटी: यह सूजन को ठीक करने और दर्द और परेशानी को शांत करने में मदद करती है। इसमें रेचक गुण भी होते हैं जो पेरिस्टाल्टिक गतिविधियों को प्रेरित करते हैं, जिससे आंतों को खाली करने की प्रक्रिया दर्द रहित हो जाती है।


सामाग्री: इसमें शामिल हैं- अंबाहलादर, कालीजिरी, रसोत, काली मिर्च, हर, मेथातिस, कहरवापिस्ती, मोतीपिस्ती, आंवला, मेथी, वरियाली, बोलबद्रस, कहरवापिस्ती।


कैसे उपयोग करें: प्रतिदिन सुबह और शाम क्रमशः नाश्ते और नाश्ते के बाद एक गोली।

 


  1. कब्ज हरी चूर्ण: यह गैस, कब्ज और पेट दर्द जैसी पेट संबंधी कई समस्याओं में मदद करता है।


सामाग्री: इसमें हरड़े, सोंठ, मुलेठी, बहेड़ा, हींग, वरियाली, अमलतास, काला नमक, ब्लैकपाइपर, आंवला शामिल हैं।


कैसे उपयोग करें: इस मथने की 1-2 ग्राम मात्रा को आधे कप पानी में मिलाएं, रोजाना सोने से पहले इसका सेवन करें।



  1. निकुंज अमृत धार: यह गुदा या मलाशय क्षेत्र के पास जलन या खुजली को शांत करने में मदद करता है।


सामाग्री: इसमें सत अजवाइन, सत पुदीना, कपूर, आवश्यक तेल और लौंग का तेल शामिल है।


कैसे इस्तेमाल करें: कॉटन बॉल पर 4-5 बूंदें लें और प्रभावित जगह पर दिन में दो बार लगाएं।



  1. लिवर केयर सिरप: श्री च्यवन आयुर्वेद का लिवर केयर सिरप आपके लिवर को साफ करने और पाचन प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। यह लीवर की समग्र कार्यप्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है।


सामाग्री: इसमें चित्रकमूल, आंवला, हरड़े, बहेड़ा, बेल पत्र, धना, एलोवेरा, अजवाइन, पुनर्नवा, गिलोय सत्व, नीम चल, तुलसी शामिल हैं। 


कैसे उपयोग करें: 1-2 चम्मच लिवर केयर प्लस सिरप का दिन में तीन बार या अपने चिकित्सक द्वारा बताए अनुसार सेवन करें।



उत्पाद लाभ:


पाचन में सुधार: श्री च्यवन आयुर्वेद की पाइल्स केयर किट प्रभावी रूप से पाचन तंत्र से संबंधित आपकी समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है और पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाती है।


कब्ज से राहत: यह प्रभावी रूप से आपको पेट की समस्याओं और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।

सूजन और गैसें: पाइल्स केयर किट पेट की सूजन, पाचन समस्याओं और गैसों को कम करती है और अपच को कम करती है।


शुद्ध और प्राकृतिक: पाइल्स केयर किट सभी प्राकृतिक और हर्बल सामग्रियों का उपयोग करके बनाई गई है और सुचारू पाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।

 

 

निष्कर्ष: खूनी बवासीर का घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज


खूनी बवासीर एक गंभीर समस्या है जिसमें मल त्याग के दौरान खून आना, दर्द और जलन जैसी समस्याएं होती हैं। इसे सर्जरी के बिना भी घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

त्रिफला चूर्ण, अरंडी का तेल, अर्जुन छाल पाउडर, अर्शकल्प वटी और पाइल्स केयर कैप्सूल जैसी आयुर्वेदिक दवाएं बवासीर को जड़ से खत्म करने में कारगर हैं। साथ ही फाइबर युक्त आहार, अधिक पानी पीना, नियमित व्यायाम और तला-भुना भोजन से परहेज करने से बवासीर दोबारा होने से रोका जा सकता है।

यदि सही समय पर आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपायों को अपनाया जाए, तो बिना सर्जरी के खूनी बवासीर से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है।

 

 

 

 

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Disclaimer- इस ब्लॉग में प्रस्तुत जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और यह चिकित्सा, स्वास्थ्य, या चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस ब्लॉग में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल शिक्षात्मक और सूचना प्रदान करने का है और यह किसी भी विशिष्ट चिकित्सा स्थिति, निदान, या उपचार के लिए सलाह नहीं प्रदान करती है।
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