बवासीर के मस्से सुखाने के लिए क्या खाएं

बवासीर के मस्से सुखाने के लिए क्या खाएं ?

परिचय


बवासीर, जिसे अर्श भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें मलाशय या गुदा क्षेत्र में सूजन और दर्द होता है। यह अक्सर कब्ज, ज्यादा देर तक खड़ा रहना, भारी सामान उठाना, या अनियमित जीवनशैली के कारण होता है। बवासीर में गुदा के अंदर या बाहर सूजन और मस्से (हेमोराइड्स) बन सकते हैं, जो काफी दर्दनाक हो सकते हैं। बवासीर के मस्से सुखाने के लिए कई उपचार मौजूद हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कदम सही आहार लेना है।

 

बवासीर के मस्से सुखाने में आहार का महत्व

आहार का हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव होता है, और बवासीर के मस्से सुखाने के मामले में भी यह सच है। सही आहार के सेवन से न केवल दर्द में राहत मिलती है, बल्कि यह मस्सों के आकार को घटाने और उनकी सूजन को कम करने में भी मदद करता है। फाइबर से भरपूर आहार, पानी, और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ बवासीर के मस्सों को सुखाने में सहायक हो सकते हैं। इसके विपरीत, तला-भुना और मसालेदार खाना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

इसलिए, बवासीर के मस्से सुखाने के लिए आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस ब्लॉग में, हम उन आहार विकल्पों पर चर्चा करेंगे जो बवासीर के इलाज में मदद कर सकते हैं और जो आपको राहत दे सकते हैं।



फाइबर से भरपूर आहार


फाइबर, विशेष रूप से आहार में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर, बवासीर के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आंतों की गतिविधि को बेहतर बनाता है और मल को नरम करता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है। कब्ज के कारण बवासीर के मस्से और बढ़ सकते हैं, इसलिए फाइबर का सेवन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

 

बवासीर के मस्से सुखाने के लिए फाइबर का प्रभाव

फाइबर मल त्याग को सुगम बनाता है और आंतों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है, जिससे बवासीर के मस्से सुखाने में मदद मिलती है। जब मल नरम होता है, तो गुदा क्षेत्र पर दबाव कम पड़ता है, जिससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है।

 

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:

  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ

  • फल (जैसे सेब, संतरा, और केला)

  • साबुत अनाज (जैसे ब्राउन राइस, ओट्स)

  • दाल और बीन्स

इन खाद्य पदार्थों का सेवन बवासीर के मस्सों को सुखाने में मदद करता है और दर्द और सूजन को कम करता है।


फल और सब्जियाँ: बवासीर के मस्से सुखाने में सहायक


फाइबर से भरपूर फल और सब्जियाँ बवासीर के मस्सों को सुखाने में मदद करती हैं। ये कब्ज को दूर करके मल को नरम करती हैं, जिससे गुदा क्षेत्र पर दबाव कम होता है और सूजन व दर्द में राहत मिलती है।

 

फायदेमंद फल और सब्जियाँ:

  • सेब: फाइबर से भरपूर, कब्ज को दूर करता है।

  • संतरा: विटामिन C और फाइबर से भरपूर।

  • केला: पोटैशियम और फाइबर से मल को नरम करता है।

  • पपीता: पाचन में मदद करता है।

  • पत्तेदार हरी सब्जियाँ: जैसे पालक, कब्ज को रोकती हैं।

  • गाजर: आंतों को स्वस्थ रखता है।

  • ककड़ी: हाइड्रेटेड रखता है और आंतों को साफ करता है।

इनका सेवन बवासीर के मस्सों को सुखाने में मदद करता है और पेट की समस्याओं को कम करता है।


 

बवासीर के मस्से सुखाने के लिए क्या करें

 

तरल पदार्थ: बवासीर के मस्से सुखाने के लिए पानी की आवश्यकता


बवासीर के मस्से सुखाने के लिए पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है। पानी मल को नरम करता है, कब्ज को रोकता है, और गुदा क्षेत्र पर दबाव कम करता है, जिससे बवासीर के मस्सों में राहत मिलती है।

 

कैसे मदद करता है:

  • मल को नरम करके कब्ज को दूर करता है।

  • हाइड्रेशन बनाए रखता है, जिससे पाचन बेहतर होता है।

  • विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

 

सुझाव: रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं, साथ ही फल और सब्जियाँ भी पानी का अच्छा स्रोत होती हैं।



मखाने और सूखे मेवे: बवासीर के मस्से सुखाने के लिए महत्व


मखाने और सूखे मेवे (जैसे बादाम, काजू, अखरोट) बवासीर के मस्से सुखाने में मददगार होते हैं। ये फाइबर, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और ऊर्जा प्रदान करते हैं, जो कब्ज को रोकते हैं और पाचन तंत्र को सुधारते हैं।

 

फायदे:

  • कब्ज रोकते हैं और मल को नरम करते हैं।

  • पाचन में सुधार करते हैं।

  • सूजन कम करते हैं।

 

कैसे सेवन करें

इनका सेवन आप स्नैक के रूप में, सलाद में या अपनी दिनचर्या में शामिल करके कर सकते हैं। मखाने को भूनकर, और सूखे मेवों को बिना नमक के खा सकते हैं।



क्या न खाएं: बवासीर के मस्से सुखाने के लिए खाद्य पदार्थों से बचें


बवासीर के मस्सों को सूखाने के लिए निम्नलिखित खाद्य पदार्थों से बचें:

1. तला-भुना भोजन: पाचन पर दबाव डालते हैं और कब्ज बढ़ाते हैं।

2. मसालेदार भोजन: जलन और सूजन बढ़ाते हैं।

3. अधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड: कब्ज और पाचन समस्याएं उत्पन्न करते हैं।

4. मीट और वसायुक्त भोजन: हजम होने में कठिन होते हैं।

5. शराब और कैफीन: शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं और मल को सख्त बनाते हैं।

इनसे बचकर स्वस्थ आहार अपनाएं।



आहार के साथ जीवनशैली में बदलाव: बवासीर के मस्से सुखाने के लिए आदतों में सुधार


बवासीर के मस्सों को सुखाने के लिए जीवनशैली में सुधार करें:

1. नियमित व्यायाम: हलका व्यायाम कब्ज को रोकता है और रक्त संचार को बेहतर करता है।

2. समय पर शौच: शौच को टालने से बचें, नियमित रूप से जाएं।

3. कई छोटे भोजन: छोटे-छोटे भोजन करने से पाचन में मदद मिलती है।

4. पानी पीना: दिनभर 8-10 गिलास पानी पिएं।

5. तनाव कम करें: योग और ध्यान से मानसिक तनाव घटाएं।

6. स्मोकिंग और शराब से बचें: इनसे बचकर बवासीर के लक्षणों को कम करें।

सही आदतें और जीवनशैली में बदलाव से बवासीर के मस्सों में सुधार हो सकता है।



श्री च्यवन की आयुर्वेदिक चिकित्सा:

 

श्री च्यवन आयुर्वेद ने बवासीर के लिए एक आयुर्वेदिक दवा - पाइल्स केयर किट तैयार की है। बवासीर के लिए हमारी आयुर्वेदिक दवा आपको बवासीर से पूरी तरह राहत दिलाने में मदद करती है।

बवासीर के मस्से को सुखाने के लिए क्या खाएं


पाइल्स केयर किट: पाइल्स का मुख्य कारण कब्ज है। चलने-फिरने में कठिनाई के कारण पाइल्स होता है। तो, पाइल्स से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए, घर लाएँ या श्री च्यवन आयुर्वेद की पाइल्स केयर किट ऑर्डर करें, इसमें शामिल हैं:


  1. पाइल हरी वटी: यह सूजन को ठीक करने और दर्द और परेशानी को शांत करने में मदद करती है। इसमें रेचक गुण भी होते हैं जो पेरिस्टाल्टिक गतिविधियों को प्रेरित करते हैं, जिससे आंतों को खाली करने की प्रक्रिया दर्द रहित हो जाती है।


सामाग्री: इसमें शामिल हैं- अंबाहलादर, कालीजिरी, रसोत, काली मिर्च, हर, मेथातिस, कहरवापिस्ती, मोतीपिस्ती, आंवला, मेथी, वरियाली, बोलबद्रस, कहरवापिस्ती।


कैसे उपयोग करें: प्रतिदिन सुबह और शाम क्रमशः नाश्ते और नाश्ते के बाद एक गोली।

 


  1. कब्ज हरी चूर्ण: यह गैस, कब्ज और पेट दर्द जैसी पेट संबंधी कई समस्याओं में मदद करता है।


सामाग्री: इसमें हरड़े, सोंठ, मुलेठी, बहेड़ा, हींग, वरियाली, अमलतास, काला नमक, ब्लैकपाइपर, आंवला शामिल हैं।


कैसे उपयोग करें: इस मथने की 1-2 ग्राम मात्रा को आधे कप पानी में मिलाएं, रोजाना सोने से पहले इसका सेवन करें।



  1. निकुंज अमृत धार: यह गुदा या मलाशय क्षेत्र के पास जलन या खुजली को शांत करने में मदद करता है।


सामाग्री: इसमें सत अजवाइन, सत पुदीना, कपूर, आवश्यक तेल और लौंग का तेल शामिल है।


कैसे इस्तेमाल करें: कॉटन बॉल पर 4-5 बूंदें लें और प्रभावित जगह पर दिन में दो बार लगाएं।



  1. लिवर केयर सिरप: श्री च्यवन आयुर्वेद का लिवर केयर सिरप आपके लिवर को साफ करने और पाचन प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। यह लीवर की समग्र कार्यप्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है।


सामाग्री: इसमें चित्रकमूल, आंवला, हरड़े, बहेड़ा, बेल पत्र, धना, एलोवेरा, अजवाइन, पुनर्नवा, गिलोय सत्व, नीम चल, तुलसी शामिल हैं। 


कैसे उपयोग करें: 1-2 चम्मच लिवर केयर प्लस सिरप का दिन में तीन बार या अपने चिकित्सक द्वारा बताए अनुसार सेवन करें।



उत्पाद लाभ:


पाचन में सुधार: श्री च्यवन आयुर्वेद की पाइल्स केयर किट प्रभावी रूप से पाचन तंत्र से संबंधित आपकी समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है और पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाती है।


कब्ज से राहत: यह प्रभावी रूप से आपको पेट की समस्याओं और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।

सूजन और गैसें: पाइल्स केयर किट पेट की सूजन, पाचन समस्याओं और गैसों को कम करती है और अपच को कम करती है।


शुद्ध और प्राकृतिक: पाइल्स केयर किट सभी प्राकृतिक और हर्बल सामग्रियों का उपयोग करके बनाई गई है और सुचारू पाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।

 

 

निष्कर्ष: बवासीर के मस्से सुखाने के लिए सही आहार का पालन करें


बवासीर के मस्सों को सुखाने और उनके लक्षणों को कम करने के लिए सही आहार का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाइबर से भरपूर आहार, ताजे फल, सब्जियाँ, मखाने, सूखे मेवे और पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन इस प्रक्रिया में सहायक होते हैं। साथ ही, तला-भुना, मसालेदार भोजन, अधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए।

इसके साथ ही, जीवनशैली में सुधार, जैसे नियमित व्यायाम, समय पर शौच जाना, और मानसिक तनाव को कम करना, बवासीर के लक्षणों को और अधिक नियंत्रित करने में मदद करता है। सही आहार और स्वस्थ आदतों के साथ बवासीर के मस्सों का इलाज संभव है।

 

 

 

 

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Disclaimer- इस ब्लॉग में प्रस्तुत जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और यह चिकित्सा, स्वास्थ्य, या चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस ब्लॉग में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल शिक्षात्मक और सूचना प्रदान करने का है और यह किसी भी विशिष्ट चिकित्सा स्थिति, निदान, या उपचार के लिए सलाह नहीं प्रदान करती है।
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